‘दादू मी पहाड़ों कू वासी, तुम छां दिल्लीवाला’, गढ़वाल सीट पर ‘धरतीपुत्र’ बनाम ‘बाहरी’ की रस्साकशी
गढ़वाल लोकसभा सीट पर चुनाव दिन-ब-दिन रोचक होता जा रहा है। प्रमुख प्रतिद्वंद्वी भाजपा-कांग्रेस एक दूसरे पर शाब्दिक बाणों का कोई भी मौक़ा नहीं छोड़ रहे हैं।
गढ़वाल से कांग्रेस उम्मीदवार गणेश गोदियाल ने बीजेपी उम्मीदवार अनिल बलूनी को `बाहरी` और `दिल्ली वाला नेता` बताया और अपनी टिप्पणी को सही ठहराते हुए गोदियाल ने कहा कि यह आरोप वे खुद नहीं लगा रहे हैं, बल्कि गढ़वाल के लोग कह रहे हैं। जब उत्तराखंड के लोग जोशीमठ आपदा, पौरी गढ़वाल रिसेप्शनिस्ट हत्या, अग्निवीर जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे थे तब एक सांसद (राज्यसभा) के तौर पर अनिल बलूनी लोगों के साथ खड़े दिखाई नहीं दिए।
“लोगों ने बलूनी को अपने बीच नहीं पाया, इसलिए वे कह रहे हैं कि बलूनी बाहरी व्यक्ति हैं,” गोदियाल ने कहा, ``जब बलूनी ने राज्यसभा चुनाव लड़ा, तब भी उन्होंने अपने नामांकन में गढ़वाल का पता नहीं दिया,” गोदियाल ने ज़ोर देकर कहा।
कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भी कहा कि गणेश गोदियाल ‘पहाड़ी’ होने के कारण चुनाव जीतेंगे। "राज्य के गठन को 24 साल हो गए हैं लेकिन राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद बनने के बावजूद भाजपा उम्मीदवार बलूनी ने कभी भी उत्तराखंड की परवाह नहीं की। गढ़वाल के लोगों के प्रति उनका अचानक स्नेह चुनाव जीतने का दिखावा है। इस बार का गढ़वाल लोकसभा चुनाव एक ‘धरतीपुत्र’ और ‘बाहरी’ व्यक्ति के बीच मुकाबला बन गया है।
उधर बीजेपी ने पलटवार करते हुए गोदियाल को
"मुम्बईवासी" बताया। उत्तराखंड भाजपा के प्रवक्ता रविंदर जुगरान ने कहा, "गणेश गोदियाल मुंबईवासी हैं। उनके नामांकन पत्र में उनके व्यवसाय, घर, शिक्षा, कार और परिवार से संबंधित सभी जानकारी साबित करती है कि वह एक बाहरी व्यक्ति हैं। यहाँ तक कि आयकर विभाग का टैक्स नोटिस भी महाराष्ट्र में उनके व्यवसाय से संबंधित था। राज्य के गठन से पहले, उनका राज्य से कोई संबंध नहीं था और 2003 में चुनाव से ठीक पहले राज्य में आए थे। कांग्रेस हमारे उम्मीदवार के बारे में झूठ फैला रही है।``
भाजपा ने गढ़वाल से अपने मौजूदा सांसद तीरथ सिंह रावत को हटाकर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मैदान में उतारा है। बलूनी भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख भी हैं। मूल रूप से पौडी गढ़वाल जिले के रहने वाले बलूनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। गढ़वाल सीट 2014 से बीजेपी के पास है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी ने गढ़वाल लोकसभा सीट पर करीब 60 फीसदी वोट हासिल कर जीत हासिल की थी। जबकि तीरथ सिंह रावत के जरिए बीजेपी ने 68.25 फीसदी वोट हासिल कर अपने प्रदर्शन में सुधार किया।
गणेश गोदियाल उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। गोदियाल ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद मार्च 2022 में राज्य कांग्रेस प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। वह दो बार के विधायक भी हैं। गोदियाल। धामी सरकार में मौजूदा कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत से 587 वोटों के अंतर से श्रीनगर गढ़वाल सीट हार चुके हैं।
हिमालयन लाइव ब्यूरो
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